Skip to main content

XIC announces "WINS IN PERSONAL SELLING" two days Program

Xavier Institute of Communication (XIC) announces a Sales Program for the young Turks of today – WINS IN PERSONAL SELLING. The program will be conducted on 18th (Saturday) & 19th (Sunday) of September, 2010.

Business Development and Personal Selling has become a part of all our jobs. Whether it is selling an idea or a concept to a Client or senior management, the salesman in us must deliver at all times.

So, how can we increase productivity perhaps by 100% in Selling?

Xavier Institute of Communications has created this program with Rajeev Chawla – Program Head for P.R. & Corporate Communications at XIC. The workshop aims at transforming regular sales or business development personnel to professionals who can build relations & equity and eventually even become brand custodians using strategy.

This program is for Sales or Business Development personnel, who work for Consulting firms, Media firms, Broking Firms, Consumer Durable Companies, Telecom companies, Finance Companies, I.T. Companies, Advertising agencies, P.R. agencies, Direct Sales/Marketing Companies, and similar companies.

Invest two full days in a workshop specially designed for your Personal Selling needs. You will find the edge you always were looking for in your business development process through this program.

A certificate from XIC at the completion of the workshop makes the course all the more unique.

The program will be conducted at the XIC (St. Xavier's College) campus in Mumbai. You may choose to enroll individually or approach us as an Organization wanting to nominate their employees.

Check the details of the program can be obtained from the XIC website: www.xaviercomm.org

You can contact Ms. Aditi Mohile at the contact details given below:

Mobile No. 98331-56673

Email id: aditi@xaviercomm.org OR aditi_mohile@hotmail.com

Comments

Popular posts from this blog

अद्भुत! ₹3 लाख प्रति माह तनख्वाह को त्याग एक आईआईटी ग्रैजुएट बने संत | अभय सिंह डिप्रेशन दुखद पारिवारिक संघर्षों से जूझते रहे

 लेखक: आर्यन राणा, संस्थापक,  VRIGHTPATH इस दुनिया में, जहाँ शैक्षणिक सफलता को अक्सर जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है, वहाँ अभय सिंह की यात्रा, जिन्हें लोकप्रिय रूप से इंजीनियर बाबा के नाम से जाना जाता है, एक नई दिशा दिखाती है। अभय सिंह, जो IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातक हैं, ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के आकर्षण को छोड़कर आध्यात्मिकता का मार्ग अपनाया। उनका जीवन यह दिखाता है कि शिक्षा और आध्यात्मिकता एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। IIT से स्नातक और डिज़ाइन में मास्टर डिग्री प्राप्त करने के बाद, उन्होंने दिल्ली और कनाडा की शीर्ष कंपनियों में काम किया, जहां उनकी तनख्वाह ₹3 लाख प्रति माह थी। बावजूद इसके, वे डिप्रेशन से जूझते रहे और जीवन का गहरा उद्देश्य खोजने के लिए आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर हुए। भारत लौटकर उन्होंने मनाली, शिमला और हरिद्वार जैसे आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा की और अंततः श्री पंचदशनाम जुना अखाड़ा का हिस्सा बनकर अपने उच्च वेतन वाले एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करियर को त्याग दिया। अभय का बचपन घरेलू हिंसा और पारिवारिक संघर्षों से भरा था। इस कठिन अतीत ने उ...

कुंभ मेले में वैश्विक एकता: मानवता के लिए सनातन धर्म का शांति और दया का आह्वान

  आर्यन प्रेम राणा, निदेशक  VRIGHTPATH सनातन धर्म: शांति और एकता का शाश्वत मार्ग कुंभ मेला, जो दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम है, सनातन धर्म की स्थायी प्रासंगिकता का जीवंत प्रमाण है। सनातन धर्म का वैश्विक प्रभाव एक और महत्वपूर्ण उदाहरण लॉरेन पॉवेल जॉब्स हैं, जो एप्पल के संस्थापक स्वर्गीय स्टीव जॉब्स की पत्नी हैं। 2025 में, उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ में भाग लिया, जहाँ वे हिंदू शिक्षाओं और आध्यात्मिक प्रथाओं से गहराई से प्रभावित हुईं। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के मार्गदर्शन में, लॉरेन ने सनातन धर्म को अपनाया और उन्हें 'कमला' नाम दिया गया। स्वामी कैलाशानंद गिरी जी ने बताया कि भौतिक सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद अब लॉरेन आत्मिक संतोष और सनातन धर्म का ज्ञान प्राप्त करना चाहती हैं। उनकी सादगी, विनम्रता और सीखने की प्रतिबद्धता उनके जीवन में स्पष्ट रूप से झलकती है, क्योंकि उन्होंने चार दिनों तक 'शिविर' में एक सामान्य श्रद्धालु की तरह निवास किया और लहसुन और प्याज से परहेज करते हुए सख्त शाकाहारी आहार का पालन किया। उनकी ...

वैदिक ज्ञान से लेकर अंतरिक्ष अन्वेषण तक : गणतंत्र दिवस एकता, विरासत और प्रगति का उत्सव

आर्यन राणा, संस्थापक,  VRIGHTPATH  आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं जब तिरंगा आसमान में लहराता है, तो हमारा हृदय गर्व से भर जाता है और राष्ट्रगान की ध्वनि हमारी आत्मा को उत्साह से ओतप्रोत कर देती है। गणतंत्र दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का उत्सव है—हमारे लोकतंत्र की ताकत, हमारी समृद्ध विरासत और एकता व प्रगति की हमारी सामूहिक दृष्टि।  Read in English इस 76वें गणतंत्र दिवस पर, हम अपने संविधान निर्माताओं को नमन करते हैं और उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिनके बलिदान ने हमारे स्वतंत्र गणराज्य की नींव रखी। 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ भारतीय संविधान न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूल्यों का प्रतीक है। यह 1.4 अरब से अधिक नागरिकों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश है। क्यों चुना गया 26 जनवरी का दिन? 26 जनवरी का चयन इतिहास में गहराई से निहित है। इसी दिन 1930 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज—ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा की थी। बीस साल बाद, 1950 में इस तिथि को भारतीय गणराज्य के जन्म के लिए चुना गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर...